ताजा समाचारवायरलहरियाणा

पंचकूला के गांव बिल्ला में लिंगानुपात पहुंचा 1733, देश के टॉप लिंगानुपात वाले गांवों में शामिल

90 फीसदी से ज्यादा घरों में एक बेटी जरूर, कुछ ऐसे परिवार जहां-तीन तीन बेटियां

Satyakhabarindia

सत्य खबर हरियाणा

Sex Ratio : पंचकूला से 15 किलोमीटर दूर गांव बिल्ला देश के गिने-चुने उन गांवों में शामिल है जहां लिंगानुपात 1733 पहुंच गया है। पंचकूला जिले का लिंगानुपात अगर आज जिले के इतिहास में सबसे ज्यादा 971 पर पहुंचा है तो उसमें बिल्ला जैसे गांवों की अहम् भूमिका है। गांव में 2025 में जन्म के समय लिंग अनुपात 1733 दर्ज किया गया है। गांव की इस सफलता पर इस गांव से जुड़े स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी काफी खुश हैं।

बिल्ला गांव की तीन हजार से ज्यादा आबादी है और इस गांव में लगभग 520 परिवार हैं। इनमें से 90 फीसदी से ज्यादा घरों में एक बेटी जरूर है। कुछ ऐसे परिवार हैं, जहां-तीन तीन बेटियां हैं। गांव की सपना बताती हैं कि उनकी दो बेटियां हैं। उनके घर पर बेटियों को जितना प्यार मिलता है, उतना ही प्यार उनके पड़ोसी भी उनकी बेटियों से करते हैं। वे कहती हैं कि गांव की 18 साल से ऊपर हर लड़की कहीं न कहीं काम जरूर करती है। कोई निजी कंपनी में है तो कोई सरकारी नौकरी में है। आज हर घर की बेटी अपने घर के कामकाज में हाथ बंटा रही है। पहले लोग सोचते थे कि बेटा बड़ा होकर मां-बाप की सेवा करेगा, मगर यहां उल्टा बेटों से ज्यादा बेटियों पर विश्वास करते हैं।

जालंधर में गोल्डी बराड़ के नाम पर करोड़ों की रंगदारी मांगने वाले गिरफ्तार
जालंधर में गोल्डी बराड़ के नाम पर करोड़ों की रंगदारी मांगने वाले गिरफ्तार

हाल ही में तीसरी बेटी को जन्म देने वाली मुस्लिम महिला अलका ने बताया कि उनकी तीनों बेटियों को उनके पति खूब प्यार करते हैं, जब से छोटी बेटी हुई है, तब से घर का माहौल और बदल गया है। काम पर जाने से पहले उनके पति इरफान जब तक अपनी सबसे छोटी बेटी को लाड़ प्यार न करें, तब तक वे काम पर नहीं जाते।


स्थानीय मेडिकल ऑफिसर डा. हरपिंदर कौर ने बताया, मुख्यालय से साल 2025 की शुरुआत में तय कर दिया गया था कि गर्भधारण करने वाली महिला की निगरानी रखी जाए। इसके लिए एक मैकेनिज्म तैयार भी किया गया, जिससे हर अल्ट्रासाउंड कराने वाली महिला को ट्रेस किया जा सके। इसके लिए प्रजनन और बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) व मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) लागू किया है। इसमें हर गर्भवती का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। यानी तीन माह की सभी गर्भवती महिला का रजिस्ट्रेशन किया गया। पहले यह रजिस्ट्रेशन चौथे या पांचवें महीने में होता था।

सरकार का दावा रसोई गैस की किल्लत नहीं, लेकिन लोग हो रहे परेशान

आरसीएच पंजीकरण एक कार्ड के रूप में गर्भवती को दिया जाता है। इसमें महिला का नाम, पता समेत पूरी जानकारी होती है। आरसीएच नंबर से विभाग के पास गर्भवती का पूरा डाटा रहता है। अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए हर गर्भवती का आरसीएच पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है और सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को भी निर्देश दिया गया कि यदि कोई केंद्र आरसीएच पंजीकरण के बिना अल्ट्रासाउंड करेगा तो नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। इससे हर गर्भवती महिला को ट्रेस करना आसान हो गया। वहीं, जिन महिला की पहले से ही बेटियां थी, उन पर निगरानी रखी गई है।

दरअसल विभाग को शक था कि जिनकी पहली से ही एक से ज्यादा बेटियां है तो वे लिंग का पता कराने के लिए कदम उठा सकती हैं। ऐसी महिलाओं की निगरानी के लिए आशा वर्कर व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई। एएनएम सुनीता कुमारी ने बताया, हर महिला को गर्भवती महिला को बताया गया कि उन पर नजर रखी जा रही है। इसलिए कोई भी गलत कदम न उठाएं। यहां तक निगरानी रखी गई कि जो महिला प्रसव से पहले यूपी या पंजाब गई, वहां भी स्वास्थ्यकर्मी उनके संपर्क में रहे।

#Panchkula #BillaVillage #SexRatio #1733 #HighestSexRatio #PanchkulaVillage #TrendingNow #CommunityAwareness #Empowerment #GenderEquality #RuralIndia #SocialProgress #BreakingBarriers #WomenEmpowerment #InspiringChange #Demographics #FamilyPlanning #HealthAwareness #VillageRecognition #CulturalShift

अखिलेश यादव की जनसभा से पहले दादरी में शक्ति प्रदर्शन तैयारियां पूरी
अखिलेश यादव की जनसभा से पहले दादरी में शक्ति प्रदर्शन तैयारियां पूरी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button